कंप्यूटर बेस्ड IELTS Writing टेस्ट: फ़ॉर्मेट, एग्ज़ाम स्क्रीन और प्रैक्टिस कैसे करें
2026-10-16 को अपडेट किया गया
कंप्यूटर पर IELTS Writing टेस्ट कैसा दिखता है: समय, शब्द-सीमा, एग्ज़ाम स्क्रीन, कौन-से एडिटिंग टूल मिलते हैं (और कौन-से नहीं), और असली परीक्षा जैसी स्थितियों में IELTS Writing practice कैसे करें।
फ़ॉर्मेट एक नज़र में
कंप्यूटर-डिलीवर्ड IELTS Writing टेस्ट में tasks, समय और मार्किंग पेपर टेस्ट जैसी ही होती है। दोनों tasks के लिए आपके पास कुल 60 मिनट होते हैं, और समय को दोनों के बीच कैसे बांटना है, यह आप तय करते हैं।
- Task 1 — कम से कम 150 शब्द, करीब 20 मिनट। Academic: चार्ट, टेबल, प्रोसेस या मैप का वर्णन। General Training: एक पत्र (letter) लिखना।
- Task 2 — कम से कम 250 शब्द, करीब 40 मिनट। किसी दृष्टिकोण, तर्क या समस्या पर essay। फ़ॉर्मेट Academic और General Training दोनों में एक जैसा है।
- आपके Writing band में Task 2 का वज़न Task 1 से दोगुना होता है, इसलिए Task 2 के लिए अपने 40 मिनट बचाकर रखें।
- न्यूनतम शब्दों से कम लिखने पर अपने-आप ज़ीरो नहीं मिलता, लेकिन आपका Task Achievement / Task Response स्कोर घट जाता है।
एग्ज़ाम स्क्रीन कैसी दिखती है
प्रश्न बाईं तरफ़ होता है और एक ही आंसर बॉक्स दाईं तरफ़, बीच में एक डिवाइडर होता है जिसे खींचकर आप दोनों पैनल का आकार बदल सकते हैं। प्रश्न के ऊपर एक ग्रे इंस्ट्रक्शन बार बताती है कि कितना समय लगाना है और न्यूनतम शब्द कितने हैं।
आंसर बॉक्स के नीचे लाइव वर्ड काउंटर ("Words: N") रहता है। नीचे के टैब Part 1 और Part 2 के बीच स्विच करने के लिए हैं, और रिव्यू बटन दिखाता है कि आपने कौन-से पार्ट अटेम्प्ट किए हैं। टाइप करते समय आपका जवाब अपने-आप सेव होता रहता है।
एडिटिंग टूल: क्या मिलता है और क्या नहीं
इसे पहले से जान लेने पर आप सामान्य वर्ड प्रोसेसर की आदतों पर निर्भर नहीं रहेंगे।
- उपलब्ध: टाइप करना, डिलीट करना, टेक्स्ट इधर-उधर करने के लिए copy-paste, और स्क्रीन पर वर्ड काउंट।
- उपलब्ध नहीं: spell check, grammar check और autocorrect। आपकी हर स्पेलिंग की गलती सीधे examiner को दिखती है।
- एक्सेसिबिलिटी विकल्पों से आप कंट्रास्ट और टेक्स्ट का साइज़ बदल सकते हैं।
कंप्यूटर-डिलीवर्ड टेस्ट की प्रैक्टिस कैसे करें
ऐसी स्क्रीन पर प्रैक्टिस करें जो असली स्क्रीन जैसी ही काम करे। वर्ड प्रोसेसर में लिखने से आपकी स्पेलिंग की गलतियां छिप जाती हैं और समय का जो अंदाज़ा बनता है, वह परीक्षा के दिन से मेल नहीं खाता।
- हर प्रैक्टिस essay spell check बंद करके टाइप करें, ताकि आपको पता चले कि आप असल में कौन-से शब्दों की स्पेलिंग गलत लिखते हैं।
- अंदाज़े की जगह वर्ड काउंटर का इस्तेमाल करें — Task 1 के लिए लगभग 170–190 और Task 2 के लिए 270–300 शब्द का लक्ष्य रखें।
- सिर्फ़ अकेले tasks नहीं, नियमित रूप से पूरे 60 मिनट के सेशन करें, ताकि एक ही घड़ी में Task 1 और Task 2 के बीच स्विच करना सीख सकें।
- हर essay को चारों मार्किंग criteria पर परखें (band descriptors गाइड देखें) और बार-बार होने वाली गलतियों की लिस्ट बनाते रहें।
अभ्यास में उतारें: कंप्यूटर-डिलीवर्ड परीक्षा स्क्रीन की 1:1 कॉपी पर अपना अगला essay लिखें और AI band score पाएँ।
फ्री प्रैक्टिस टेस्ट शुरू करेंऔर गाइड
ieltswrites एक स्वतंत्र प्रैक्टिस टूल है और IELTS, British Council, IDP या Cambridge University Press & Assessment से संबद्ध नहीं है, न ही इनके द्वारा समर्थित है। IELTS अपने स्वामियों का पंजीकृत ट्रेडमार्क है।